आओ चलो, दीप रखते हैं (कविता)
आओ चलो, दीप रखते हैं कविता जीवन के हर उस कोने…
Arattai – संदेश और संवाद माध्यमों का स्वदेशी संस्करण
आत्मनिर्भर भारत के गुंजित स्वर में प्रधानमंत्री के स्वदेशी अपनाने के…
आशीष त्रिपाठी का काव्य संग्रह शान्ति पर्व
शान्ति पर्व पढ़ गया। किसी पुस्तक को पढ़ कर चुपचाप मन…
नवागत प्रविष्टियाँ
क्यों? (कविता)
क्यों?खो गए हो विकल्प में,चर्चित स्वल्प मेंविस्मृत सुमधुर अतीतक्यों लेकर चलते होबेगाना गीतस्वर्ग की ईच्छा क्योंछोड़ दी तुमनेआख़िर अनसुलझी, अस्तित्वविहीनअनगिनत…
Leave this chanting and singing and telling of beads!
Leave This Chanting and Singing and Telling of Beads is a poem by the renowned Indian poet Rabindranath Tagore. It…
प्रभु आप जगो, परमात्म जगो: सच्चा की सच्ची पुकार
अभी सुबह नहीं हुई है, पर जाग गया हूँ। एक अनोखी पुकार मन को वर्षों से आकर्षित करती रहती है,…
नामवर सिंह को समझते हुए
नामवर सिंह के व्यक्तित्व-कृतित्व पर लिख पाने की अपनी सामर्थ्य कम आँकता हूँ। एक जगह बोलने के लिए तैयारी की…
If thou speakest not I will fill my heart with thy silence
The poem “If thou speakest not I will fill my heart with thy silence” is a poem in Rabindranath Tagore’s renowned collection Gitanjali….
रघुवीर सहाय की कविता से सबक लेकर
ठीक ठीक ब्लॉग लिखना शुरू करने के पहले मेरे एक ब्लॉगर मित्र ने मुझे कुछ उलाहने दिए। रघुवीर सहाय की…

