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Love Poems, Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

ओ प्रतिमा अनजानी

ओ प्रतिमा अनजानी, दिल की सतत कहानी कहता हूँ निज बात सुहानी, सुन लो ना। डूबा रहता था केवल जीवन की बोध कथाओं में अब खोया हूँ मैं रूप-सरस की अनगिन विरह-व्यथाओं में सत्य अकल्पित-मधुरित-सुरभित, अन्तरतम में हर पल गुंजित…

Poetry, Ramyantar

कविता लम्बी है, पर क्या करुँ कहानी है: दो

नीचे की कविता, कविता नहीं, कहानी है। नीतू दीदी की कहानी कह रहा हूँ मैं। मेरे कस्बे के इकलौते राष्ट्रीयकृत बैंक में कैशियर होकर आयी थीं और पास के ही घर में किराए पर रहने लगीं थीं। सहज आत्मीयता का…

Poetry, Ramyantar

कविता लम्बी है, पर क्या करुँ कहानी है: एक

नीचे की कविता, कविता नहीं, कहानी है। नीतू दीदी की कहानी कह रहा हूँ मैं। मेरे कस्बे के इकलौते राष्ट्रीयकृत बैंक में कैशियर होकर आयी थीं और पास के ही घर में किराए पर रहने लगीं थीं। सहज आत्मीयता का…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

स्नेहिल मिलन की सीख दे दो

फ़ैली हुई विश्वंजली में, प्रेम की बस भीख दे दो विरह बोझिल अंत को स्नेहिल मिलन की सीख दे दो। चिर बंधनों को छोड़ कर क्यों जा रही है अंशु अब अपनी विकट विरहाग्नि क्यों कहने लगा है हिमांशु अब…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

परिवर्तन आने वाला है

बज गयी दुन्दुभि, परिवर्तन आने वाला है। है निस्सीम अगाध अकल्पित, समय शून्य का यह विस्तार प्रिय देखो वह चपल विहंगम चला जा रहा पंख पसार ‘काल अमर है’ का संकीर्तन यही विहग गाने वाला है। वह देखो गिर रहे…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

मैं, मैं अब नहीं रहा

मैं, मैं अब नहीं रहा, तुम ही तो हूँ। बहुत भटकता रहा खोजता अपने हृदय चिरंतन तुमको जो हर क्षण आछन्न रहे ओ साँसों के चिर बंधन तुमको, मैं जाग्रत अब नहीं रहा, गुम ही तो हूँ। मैं, मैं अब…

Love Poems, Poetry, Ramyantar

क्यों न मेरा यह हृदय मूक-सा रहने दिया

क्यों न मेरा यह हृदय मूक-सा रहने दिया? क्या करुँ उस अग्नि का निशि-दिन जले जो इस हृदय में क्या करुँ उस व्यग्रता का जा छिपी जो उर-निलय में क्यों असीमित यह प्रणय बहु-रूप सा रहने दिया? तारकों की तूलिका…

Poetry, Ramyantar

कहाँ हो मेरे मन के स्वामी आओ

कहाँ हो मेरे मन के स्वामी आओ, मैं हूँ एक अकिंचन जग में प्रेम-सुधा बरसाओ। आज खड़ा है द्वार तुम्हारे तेरी करुणा का यह प्यासा दृष्टि फेर दो कुछ तो अपनी दे दो अपना स्नेह दिलासा हे मेरे जीवनधन मुझको,…

Love Poems, Poetic Adaptation, Ramyantar, Songs and Ghazals

तुम ही पास नहीं हो तो..

Jyoti (Photo credit: soul-nectar) तुम ही पास नहीं हो तो इस जीवन का होना क्या है? मेरे मन ने खूब सजाये दीप तुम्हारी प्रेम-ज्योति के हुआ प्रकाशित कण-कण अन्तर गूंजे गान स्नेह प्रीति के पर जो यथार्थ थे, स्वप्न हुए,…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

माँ तुम गंगाजल होती हो

अभी-अभी पूजा उपाध्याय जी के ब्लॉग से लौट रहा हूँ। एक कविता पढ़ी- माँ के लिए लिखी गयी। मन सम्मोहित हो गया। पूजा जी की कविता से जेहन में एक कविता की स्मृति तैर गयी। छुटपन में बाबूजी ने पढ़ने…