Love Poems, Poetic Adaptation, Ramyantar

इस छलना में पड़ी रहूँ

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: छ: इस छलना में पड़ी रहूँ यदि तेरा कहना एक छलावा। तेरे शब्द मूर्त हों नाचें मैं उस थिरकन में खो जाऊँ तेरी कविता की थपकी से मेरे प्रियतम मैं सो जाऊँ अधर हिलें मैं…

Stories

कैसा भय ?

एक सैनिक अधिकारी अपनी नव-विवाहिता पत्नी के साथ समुद्री यात्रा कर रहा था। अकस्मात एक भयानक तूफ़ान आ गया। सागर की लहरें आसमान छूने लगीं। ऐसा प्रतीत होने लगा, मानो सामने साक्षात मौत खड़ी हो। सभी भय से कांपने लगे।…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

नहीं, प्रेम है कार्य नहीं

प्रेमिका ने कहा था-“प्यार करते हो मुझसे?” प्रेमी ने कहा-“प्यार करने की वस्तु नहीं। मैं प्यार ’करता’ नहीं, ’प्यार-पूरा’ बन गया हूं। यहां इसी संवाद का विस्तार है- Hibiscus (Photo credit: soul-nectar) कहने वाला कह जाता है सुनने वाला सुन…

Article | आलेख, Essays, General Articles, आलेख

गोबर गणेशों की गोबर-गणेशता

“पहले आती थी हाले दिल पे हंसी अब किसी बात पर नहीं आती ।” कैसे आए? मात्रा का प्रतिबन्ध है। दिल के हाल का हाल जानिए तो पता चले कितनी मारामारी है? हंसी का गुण ही है की वह वह…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

अपने प्रेम-सरित को मेरे हृदय जगत पर बह जाने दो

प्रेम पत्रों का प्रेमपूर्ण काव्यानुवाद: पाँच Capture of Love Letters अब तक जो मैं हठ करती थी, हर इन्सान अकेला होता मुझे पता क्या था जीवन यह अपनों का ही मेला होता। यही सोचती थी हर क्षण केवल मनुष्य अपने…

Article | आलेख, Contemplation, चिंतन

सदैव सहमति में हिलते सिर

बहुत वर्षों पहले से एक बूढ़े पुरूष और स्त्री की आकृति के उन खिलौनों को देख रहा हूँ जिनके सर और धड़ आपस में स्प्रिंग से जुड़े हैं। जब भी उन खिलौनों को देखता हूँ वो अपना सर हिलाते मालूम…

Poetry, Ramyantar

कविता लम्बी है, पर क्या करुँ कहानी है: दो

नीचे की कविता, कविता नहीं, कहानी है। नीतू दीदी की कहानी कह रहा हूँ मैं। मेरे कस्बे के इकलौते राष्ट्रीयकृत बैंक में कैशियर होकर आयी थीं और पास के ही घर में किराए पर रहने लगीं थीं। सहज आत्मीयता का…

Contemplation, Essays, Ramyantar, चिंतन

अंधेरी रात में दीपक जलाए कौन बैठा है?

बड़ी घनी तिमिरावृत रजनी है। शिशिर की शीतलता ने उसे अतिरिक्त सौम्यता दी है। सबकी पलकों को अपरिमित विश्रांति से भरी हथेलियां सहलाने लगीं हैं। नयन-गोलकों के नन्हें नादान शिशु पलकों की थपकी से झंपकी लेने लगे हैं। अब काम…

Poetry, Ramyantar

कविता लम्बी है, पर क्या करुँ कहानी है: एक

नीचे की कविता, कविता नहीं, कहानी है। नीतू दीदी की कहानी कह रहा हूँ मैं। मेरे कस्बे के इकलौते राष्ट्रीयकृत बैंक में कैशियर होकर आयी थीं और पास के ही घर में किराए पर रहने लगीं थीं। सहज आत्मीयता का…

Love Poems, Poetry, Ramyantar

तुम्हारी प्रेम-पाती के लिए

Photo: Flickr (Credit: JFXie) तुम्हारे लिखने में बड़ा हौसला है। मेरे जीवन के गीत भी तुम्हीं ने लिखे प्रणय के स्वप्न तुमने ही अंकित कर दिए और हृदय के उन तारों को, जो वर्षों से सोये पड़े थे, तुमने ही…