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Poetry, Ramyantar

उड़ चली है आत्मा परमात्मा के पास

सच में ‘मैना’ ही नाम था उसका। मेरे पास अब केवल यादें शेष रह गयी हैं उसकी। छः बरस पहले अचानक ही लिख गयी थी यह कविता। आज मैना उड़ चली पिता के घर से पिया के घर गीलीं हो…

Love Poems, Poetry, Ramyantar

मुझमें जो आनंद विरल है

मुझमें जो आनंद विरल है वह तुमसे ही निःसृत था और तुम्हीं में जाकर खोया । घूमा करता हूँ हर पल, जीवन में प्रेम लिए निश्छल कुछ रीता है, कुछ बीता है, झूठा है यह संसार सकल यह चिंतन जो…

Poetry, Ramyantar

नेह-स्वांग

उसने नेह-स्वांग रच कर अपने सामीप्य का निमंत्रण दिया नेह सामीप्य के क्षणों में झूठा न रह सका अपने खोल से बाहर आकर नेह ने अपनी कलई खोली दिखा वही गुनगुना-सा निष्कवच, निःस्वांग विदेह नेह । क्षुधा की तृप्ति नेह…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

प्रिय! तुमने लिखा आँख भर आयी

प्रेम पत्रों का प्रेम पूर्ण काव्यानुवाद: दो प्रिय! तुमने लिखा आँख भर आयी, मैंने अपने दिन खोये और रात गंवाई । मेरी भाव भूमि के बदले सच, तुमने ही पहले पहले संचित भाव कोष दे दिया, ‘विंहसेगा मानस उर अन्तर’…

Love Poems, Poetic Adaptation, Poetry, Ramyantar

अथ-इति दोनों एक हो गए

A Close Capture of Hand-written Love-Letters स्नातक कक्षा में पढ़ते हुए कई किस्म के प्रेम पत्र पढ़े। केवल अपने ही नहीं, दूसरों के भी। अपनी इच्छा से नहीं, दूसरों की इच्छा से। उनमें से कुछ ऐसे थे जिन्होंने बहुत भीतर…

Poetry, Ramyantar

मैं मच्छरदानी नहीं लगाता तो इसका मतलब है …

Mosquito net (Photo credit: quinet) मच्छरदानी लगाना मेरे कस्बे में सुरक्षित व सभ्य होने की निशानी है । मैं मच्छरदानी नहीं लगाता तो इसका मतलब है कि मैं हाईस्कूल की जीव विज्ञान की पुस्तक का सबक भूल गया हूँ ,…

Poetry, Ramyantar

खामोशी हर प्रश्न का जवाब है

Silence – A Fable (Photo credit: thepeachmartini) मुझे नहीं लगता कि खामोशी जवाब नहीं देती। मैं समझता हूँ खामोशी एक तीर्थ है जहाँ हर बुरा विचार अपनी बुराई धो डालता है । ये हो सकता है की तीर्थ के रास्ते…

Poetry, Ramyantar, Songs and Ghazals

मुंह की कालिख को पोंछ उंगली से गाल का तिल बना दिया तुमने

क्या करिश्मा है इस बुझे दिल को, कितना खुशदिल बना दिया तुमने अब तो मुश्किल को भी मुश्किल कहना, बहुत मुश्किल बना दिया तुमने। पाँव इस दर पै आ ठिठक जाते, हाँथ उठते भी तो सलीके से आँख नम, क्या…

Poetry, Ramyantar

वास्तविक अन्तिम उपलब्धि

मैं चला था जिंदगी के रास्ते पर मुझे सुख मिला । मैंने कहा,” बड़ी गजब की चीज हो आते हो तो छा जाते हो जीवन में अमृत कण बरसाने लगते हो, सूर्य का उगना दिखाते हो झरनों का गिरना, नदियों…

Love Poems, Poetry, Ramyantar

क्यों रह रह कर याद मुझे आया करते हो?

नीरवता के सांध्य शिविर में आकुलता के गहन रूप में उर में बस जाया करते हो । बोलो प्रियतम क्यों रह रह कर याद मुझे आया करते हो ? आज सृष्टि का प्रेय नहीं हिय में बसता है मिले हाथ…