Social Icons

Press ESC to close

नवागत प्रविष्टियाँ

32

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की रचना क़ानून ताज़ीरात शौहर – भाग 2

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

हिन्दी साहित्य के उज्जवल नक्षत्र भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के बहुआयामी रचना-कर्म से चुनकर उनकी एक विशिष्ट और रोचक रचना क़ानून ताज़ीरात…

16

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की रचना – क़ानून ताज़ीरात शौहर (पति दंड विधान)

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

अपने समय की विरलतम अभिव्यक्ति, सशक्त वाणी भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जन्मदिवस है आज। भारतेन्दु आधुनिक हिन्दी के जन्मदाता और बहुआयामी,…

152

रमणी के नर्म वाक्यों से फूल उठा मंदार : वृक्ष दोहद-8

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

मुझे क्षण-क्षण मुग्ध करती, सम्मोहित करती वृक्ष दोहद की चर्चा जारी है। मंदार की चर्चा शेष थी अभी। कैसा विश्वास…

16

निर्निमेष अविरत दृष्टि

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

कई बार निर्निमेषअविरत देखता हूँ उसे यह निरखनाउसकी अन्तःसमता को पहचानना है मैं महसूस करता हूँनदी बेहिचक बिन विचारेअपना सर्वस्व…

18

एक शान्त मन ही व्रती होता है

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

आजकल एक किताब पढ़ रहा हूँ – आचार्य क्षेमेन्द्र की औचित्य-दृष्टि। किताब बहुत पुरानी है- आवरण के पृष्ठ भी नहीं…

214

हजारी प्रसाद द्विवेदी की रचनाओं में मानवीय संवेदना

Himanshu Pandey By Himanshu Pandey

ऋग्वेद में वर्णन आया है : ‘शिक्षा पथस्य गातुवित’, मार्ग जानने वाले , मार्ग ढूढ़ने वाले और मार्ग दिखाने वाले,…